जसप्रीत ने बताया कि, ‘‘जब हमें इटली जाने का मौका मिला तो यह मेरे परिवार के लिए एक बड़ा दिन था, लेकिन हम थोड़े चिंतित भी थे क्योंकि यह एक नया देश, नई भाषा और नई संस्कृति थी. सब कुछ हमारे लिए नया था, लेकिन मैं सोच रहा था कि क्रिकेट कैसे खेलूं जो मैं अपने शहर में बचपन में खेला करता था.’’ क्रिकेट के मामले में इटली जैसे देश में जाना मुश्किल था क्योंकि इस यूरोपीय देश में शायद ही कोई उचित बुनियादी ढांचा था.
बर्गमो क्रिकेट क्लब से जुड़ जसप्रीत ने खुद को निखारा
वह स्थानीय बर्गमो क्रिकेट क्लब से जुड़ गए जो अधिक से अधिक एक मामूली सुविधा थी लेकिन उन्होंने अपने पिता के काम में मदद करने के लिए दो साल का इलेक्ट्रीशियन का कोर्स भी पूरा किया. हालांकि, जसप्रीत को जल्द ही स्थानीय गुरुद्वारे में मिले कुछ भारतीय प्रवासियों की मदद से अपने क्रिकेट कौशल को बेहतर बनाने का एक तरीका मिल गया. उन्होंने उसे टर्फ विकेट पर क्रिकेट खेलने के लिए इंग्लैंड जाने को कहा और बर्मिंघम में रहते हुए अपने खर्चों को पूरा करने के लिए उसे उबर ड्राइवर के तौर पर भी काम करना पड़ा.
जसप्रीत ने कहा, ‘‘जब मैं बच्चा था तो भारत में क्रिकेट खेलता था और जब मैं इटली गया तो मैं वही करना चाहता था. लेकिन जब मैं इटली गया तो वहां क्रिकेट नहीं था, कोई असली स्टेडियम या ग्राउंड नहीं थे, जैसे मैंने पंजाब में देखे थे.’’ बर्मिंघम एवं जिला प्रीमियर लीग में खेलने वाले 32 वर्षीय जसप्रीत ने कहा, ‘‘जब मुझे इसके बारे में पता चला तो मैं इंग्लैंड जाकर वहां खेलने लगा क्योंकि वहां टर्फ विकेट थे और खर्चों को पूरा करने के लिए मैंने उबर कार चलाना शुरू किया जिससे मुझे समय में भी काफी लचीलापन मिला.’’
नॉर्वे के खिलाफ जसप्रीत ने किया इंटरनेशनल डेब्यू
मेहनत का फल मिला और दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जसप्रीत ने 2019 में नॉर्वे के खिलाफ इटली के लिए डेब्यू किया. इटली 2024 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने के भी करीब पहुंच गया था, लेकिन आयरलैंड से करीबी हार ने उनकी उम्मीदें खत्म कर दीं. हालांकि टीम ने एक साल बाद जून 2025 में यूरोपीय रीजनल क्वालीफायर में शीर्ष पर रहकर अपना सपना पूरा किया.
जसप्रीत ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गर्व की बात है. हम लंबे समय से क्वालीफाई करने की कोशिश कर रहे थे. और हमारी टीम पिछले तीन वर्षों से बहुत कड़ी मेहनत कर रही है. और हम भगवान के शुक्रगुजार हैं कि हम इस बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर पाए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सिर्फ विश्व कप में हिस्सा लेने नहीं आए हैं, हम मुकाबला करने भी आए हैं.’’ जसप्रीत के लिए भारत की यात्रा सिर्फ अपनी मातृभूमि में वापसी नहीं है बल्कि देश में विश्व स्तरीय क्रिकेट सुविधाओं का अनुभव करने का भी एक मौका है.
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