नई दिल्ली. सुपर-8 मैच, सेमीफाइनल और फाइनल में संजू ने क्रमशः 97*, 89 और 89 रन बनाए. इन तीन पारियों ने साफ कर दिया कि क्रिकेट में गुणवत्ता हमेशा मात्रा से ज्यादा मायने रखती है. हर शॉट, हर रन और हर बड़ा खेल उन्होंने सही समय पर खेला, जिससे टीम इंडिया को जीत की दिशा में लगातार मजबूती मिली.इतिहास में इससे पहले केवल 4 खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने ICC टूर्नामेंट में सभी मैच न खेलकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता और उन सभी ने अधिकतम केवल एक मैच छोड़ा था. संजू ने इसे चार मैच छोड़कर हासिल किया. यह एक ऐसा रिकॉर्ड है, जो उनकी क्लास, मैच बदलने की क्षमता और मानसिक मजबूती को उजागर करता है.
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