मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को श्रीलंका से राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके का भी फोन आया है, जिन्होंने बहिष्कार का फैसला वापिस लेने का आग्रह किया है. जियो न्यूज ने कहा कि शरीफ ने आश्वासन दिया है कि पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ खेलेगी. नकवी ने हालांकि पत्रकारों से कहा , ‘हमने उनसे बात की है. मेरे लिये अभी कोई टिप्पणी करना सही नहीं होगा. हमें उनका जवाब मिल जाने के बाद हम फैसला करेंगे. हम आईसीसी का जवाब मिलने के बाद प्रधानमंत्री (शाहबाज शरीफ) के पास सलाह के लिये फिर जायेंगे.’’
बांग्लादेश ने पीसीबी को कहा थैंक यू
उन्होंने कहा , ‘‘कल या परसों घोषणा की जा सकती है. हम अपने मेहमानों का सम्मान करते हैं और आईसीसी हमारे घर आई है तो हमने उन्हें पूरा सम्मान दिया. इस समय मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता क्योंकि आईसीसी और बांग्लादेश के बीच बातचीत जारी है. बांग्लादेश सही था तो हमें उसका साथ देना ही था.” सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार पर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था.
बीसीबी प्रमुख इस्लाम ने ढाका में जारी बयान में पाकिस्तान को धन्यवाद दिया लेकिन यह भी कहा कि भारत के खिलाफ इस मैच को खेलना क्रिकेट के हित में है. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘इस समय में बांग्लादेश के साथ खड़े होने के लिये हम पाकिस्तान के शुक्रगुजार हैं. यह भाईचारा बना रहे.’’
बांग्लादेश पर आईसीसी ने क्या कहा?
आईसीसी ने दुबई में जारी बयान में कहा कि भारत में खेलने से इनकार पर बांग्लादेश पर कोई दंड नहीं लगाया जायेगा. बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड टूर्नामेंट खेल रहा है. आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘इस पर रजामंदी बनी है कि मौजूदा मसले के संदर्भ में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी तरह का आर्थिक, खेल संबंधी या प्रशासनिक दंड नहीं लगाया जायेगा.’’
इसमें कहा गया ,‘‘ बीसीबी को विवाद निपटान समिति के पास जाने का अधिकार है. आईसीसी के मौजूदा नियमों के तहत यह अधिकार बरकरार है.’’ आईसीसी ने कहा कि उसका ‘नजरिया निष्पक्षता और समानता के सिद्धांतों पर आधारित है और यह सजा देने के बजाय मदद करने के साझा मकसद को दिखाता है.” आईसीसी ने यह भी कहा कि बांग्लादेश को 2028 से 2031 के बीच में एक आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी दी जायेगी.
मोहसिन नकवी ने पूरे मामले पर क्या कहा?
मोहसिन नकवी ने इन अटकलों को भी खारिज किया कि आईसीसी से कार्रवाई की चेतावनी मिलने के कारण पीसीबी दबाव में है. उन्होंने कहा, “आपको पता है कि हम इन धमकियों से डरने वालों में से नहीं हैं. सभी हमारे फील्ड मार्शल (असीम मुनीर) को जानते हैं. हम किसी प्रतिबंध से नहीं डरते.’’ सूत्रों के अनुसार नकवी इस मुद्दे पर हालिया घटनाक्रम की जानकारी प्रधानमंत्री को देंगे और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अनुरोध के बाद उनसे बहिष्कार का फैसला वापिस लेने की गुजारिश करेंगे.
भारत के खिलाफ मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है. सूत्र ने कहा, “नकवी प्रधानमंत्री को बांग्लादेश, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) क्रिकेट बोर्ड तथा आईसीसी के साथ हुई अपनी बातचीत की जानकारी देंगे और उन्हें इस संकट से अवगत कराएंगे.” सूत्र ने कहा कि ख्वाजा के साथ हुई बातचीत में नकवी ने कई मुद्दे उठाए. इसमें भारत पाक क्रिकेट की बहाली और बांग्लादेश समेत त्रिकोणीय श्रृंखला का आयोजन शामिल है ताकि विश्व कप से बाहर होने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को हुए नुकसान की भरपाई हो सके.
द्विपक्षीय क्रिकेट की मांग हुई है खारिज
भारत-पाक द्विपक्षीय क्रिकेट आईसीसी के दायरे में नहीं है, जबकि त्रिकोणीय श्रृंखला की मांग खारिज कर दी गई है. भारत ने एक दशक से अधिक समय से कोई त्रिकोणीय श्रृंखला नहीं खेली है. आईसीसी अगले अंडर 19 विश्व कप की मेजबानी बांग्लादेश को दे सकती है.
सूत्र के मुताबिक, ‘‘नकवी ने ख्वाजा से सवाल किया कि अगर पाकिस्तान टीम ने एशिया कप ट्रॉफी किसी भारतीय बोर्ड अधिकारी से स्वीकार करने से इंकार कर दिया होता तो क्या आईसीसी ने चुप्पी साधी होती.’’ यह ट्रॉफी फिलहाल दुबई स्थित एशियाई क्रिकेट परिषद मुख्यालय के एक बंद कमरे में है. नकवी ने स्पष्ट किया था कि वह मीडिया की मौजूदगी में ट्रॉफी सौंपेंगे.
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