रोहित का बतौर वनडे कप्तान आखिरी मैच 2025 चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल था. उन्होंने दूसरी बार आईसीसी ट्रॉफी जीतकर एमएस धोनी के साथ उन भारतीय कप्तानों की लिस्ट में जगह बनाई. उनके पास व्हाइट-बॉल क्रिकेट में एक से ज्यादा खिताब हैं. हालांकि, टीम ने कहा कि वह भविष्य की तैयारी करना चाहती है और 12 साल छोटे शुभमन गिल को कप्तान बना दिया.

तिवारी ने स्पोर्ट्स टुडे से कहा, “मुझे नहीं पता असली वजह क्या है. अजीत अगरकर को जानता हूं, वह एक मजबूत शख्सियत हैं. वह फैसले लेने वाले इंसान हैं. ऐसे फैसले लेने में वह पीछे नहीं हटते. लेकिन क्या किसी ने उनके कंधे से बंदूक चलाई, यह देखने की जरूरत है. पर्दे के पीछे बहुत कुछ होता है… शायद फैसला मुख्य चयनकर्ता ने लिया और वह इस पर पूरी तरह से सामने थे. जाहिर है, कोच की राय भी इसमें शामिल रही होगी. आप अकेले फैसला नहीं ले सकते. जो भी फैसला हुआ, दोनों ही बराबर के जिम्मेदार हैं.”
तिवारी ने कहा कि रोहित को हटाए जाने के बाद से ही उनकी वनडे में रुचि कम हो गई क्योंकि कई मुद्दों पर ‘स्पष्टता’ नहीं थी, जिससे विवाद बढ़ते गए. उन्होंने मैनेजमेंट पर रोहित की बल्लेबाजी क्षमता पर ‘संदेह’ करने का भी आरोप लगाया और कहा कि उन्हें हटाना ‘क्रिकेटिंग लॉजिक’ से परे था.
उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि यह उस क्रिकेटर के लिए अपमानजनक था, जिसने दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों को इतना कुछ दिया है… मैं सोचता हूं कि आपने 2027 वर्ल्ड कप में रोहित के खेलने को लेकर शक क्यों किया. इसका मतलब है कि आपने उनकी काबिलियत पर शक किया. जब उन्होंने तीन दोहरे शतक लगाए हैं, तो उन पर शक करने का कोई सवाल ही नहीं उठता. बड़ा खिलाड़ी हमेशा रन बनाता है. 2023 में जिस सोच के साथ उन्होंने खेला, वह कितने निस्वार्थ क्रिकेटर हैं; वह एक संदेश देना चाहते थे. उनकी काबिलियत पर शक करना बड़ी गलती थी और फिर उन्हें कप्तानी से हटाना भी बड़ी गलती थी. मुझे लगता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था. कप्तानी से हटाने के पीछे कोई क्रिकेटिंग लॉजिक नहीं हो सकता.”
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें
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