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Ranji Trophy Champion Prize Money: भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया सूर्योदय हुआ है. जम्मू-कश्मीर ने 67 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. फाइनल में दिग्गज कर्नाटक को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 41 वर्षीय कप्तान पारस डोगरा की सेना ने वह कर दिखाया जो अब तक नामुमकिन माना जाता था. इस ऐतिहासिक गौरव के साथ ही विजेता टीम पर धनवर्षा हुई है, जहां जम्मू-कश्मीर को 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम प्राइज मनी मिली, वहीं उप-विजेता कर्नाटक को 3 करोड़ रुपये से संतोष करना पड़ा. यह जीत रियासत के क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत है.
जम्मू कश्मीर ने पहली बार जीता रणजी ट्रॉफी खिताब.
वह कप्तान जिसने ‘विश्वास’ दिलाया
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे 41 वर्षीय अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान पारस डोगरा (Paras Dogra) का मास्टरमाइंड रहा. डोगरा ने न केवल मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को संभाला, बल्कि एक ऐसे लीडर की भूमिका निभाई जिसने युवा खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाया कि वे चैंपियन बन सकते हैं. एक ऐसे राज्य के लिए जहां क्रिकेट का बुनियादी ढांचा अभी भी विकसित हो रहा है, वहां डोगरा का अनुभव और नेतृत्व टीम के लिए संजीवनी साबित हुआ.
जम्मू कश्मीर ने पहली बार जीता रणजी ट्रॉफी खिताब.
पहली पारी की बढ़त बनी जीत का आधार
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां रणनीतियों और धैर्य की परीक्षा हुई. जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर जीत दर्ज की. रणजी ट्रॉफी के नियमों के अनुसार, यदि नॉकआउट मैचों का परिणाम निश्चित नहीं हो पाता, तो पहली पारी में शानदार प्रदर्शन करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है. जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने दबाव के क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़ दिया.
जम्मू कश्मीर की ऐतिहासिक जीत के मायने
यह जीत केवल जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के लिए नहीं, बल्कि पूरे केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है.उमरान मलिक और अब्दुल समद जैसे खिलाड़ियों के बाद, अब पूरी टीम ने यह साबित कर दिया है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. इस खिताब के बाद अब राज्य में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे, बेहतर पिचों और ट्रेनिंग सुविधाओं पर और अधिक निवेश होने की उम्मीद है. सौराष्ट्र और विदर्भ के बाद अब जम्मू-कश्मीर घरेलू क्रिकेट में एक नए ‘पावरहाउस’ के रूप में उभरा है.
जम्मू कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए थे
जम्मू कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ रहे फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीतकर 67 साल का इंतजार खत्म करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया. जम्मू कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए थे जिसके जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन ही बना पाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर को 291 रन की बढ़त मिली और उसने कर्नाटक को फॉलोआन के लिए आमंत्रित करने की बजाय दूसरी पारी खेलने का फैसला किया. मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू कश्मीर ने जब तक अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए थे तब दोनों टीम के कप्तान मैच को ड्रॉ करने पर सहमत हो गए और इस तरह से जम्मू कश्मीर पहली बार चैंपियन बन गया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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