super over win: दूसरे सुपर ओवर में अफ़ग़ानिस्तान को जीत के लिए 6 गेंदों में 24 रनों की दरकार थी, तब कप्तान एडेन मार्करम ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया. उन्होंने गेंद अनुभवी स्पिनर केशव महाराज को थमाई. टी-20 फॉर्मेट के इस दौर में, जहाँ बल्लेबाज स्पिनर्स पर टूट कर पड़ते हैं, वहां महाराज को गेंद सौंपना मार्करम का ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हुआ.
हनुमान भक्त केशव महाराज ने दक्षिण अफ्रीका को जिताया रोमांचक मैच, अफगानिस्तान वर्ल्ड कप से बाहर
पहले सुपर ओवर के बाद भी जब नतीजा नहीं निकला, तो मैच दूसरे सुपर ओवर में प्रवेश कर गया. क्रिकेट के मैदान पर ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब टीमें एक ही मैच में दो बार सुपर ओवर खेलें. दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने डेविड मिलर की आतिशी बल्लेबाजी के दमपर अफ़ग़ानिस्तान के सामने 24 रनों का विशाल लक्ष्य रखा जिसको बचाने की जिम्मेदारी केशव महाराज को दी गई जो 2 विकेट लेकर मैच के हीरो बन गए.
मार्करम का ‘मास्टरस्ट्रोक’ और महाराज का जादू
दूसरे सुपर ओवर में अफ़ग़ानिस्तान को जीत के लिए 6 गेंदों में 24 रनों की दरकार थी, तब कप्तान एडेन मार्करम ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया. उन्होंने गेंद अनुभवी स्पिनर केशव महाराज को थमाई. टी-20 फॉर्मेट के इस दौर में, जहाँ बल्लेबाज स्पिनर्स पर टूट कर पड़ते हैं, वहां महाराज को गेंद सौंपना मार्करम का ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित हुआ. महाराज ने अपनी चतुराई और अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया. अफ़ग़ान बल्लेबाजों ने बड़े प्रहार करने की कोशिश की, लेकिन पहली 2 गेंदों पर महाराज की फिरकी ने उन्हें बांधे रखा. तीसरी चौथे और पांचवी गेंद पर जब गुरबाज ने उनकी गेंदों पर छक्के लगे तो लगा मैच अफगान टीम जीत लेगी लेकिन अंतिम गेंद पर गुरबाज को आउट करके मैच महाराज ने अपनी टीम की झोली में डाल दिया.
अफ़ग़ानिस्तान का टूटा सपना
अफ़ग़ानिस्तान के लिए यह हार किसी गहरे जख्म से कम नहीं है क्योंकि इस पूरे टूर्नामेंट में अफ़ग़ानिस्तान ने जिस तरह का निडर क्रिकेट खेला, उसने दुनिया भर के प्रशंसकों का दिल जीत लिया था. कप्तान राशिद खान की सेना दो बड़ी टीमों के खिलाफ जमकर संघर्ष करती नजर आई लेकिन किस्मत और अनुभव के मोर्चे पर वे पहले न्यूजीलैंड फिर दक्षिण अफ्रीका से थोड़ा पीछे रह गए. इस हार के साथ ही अफ़ग़ानिस्तान अधिकारिक रूप से वर्ल्ड कप टूर्नामेंट से बाहर हो गया है. मैदान पर खिलाड़ियों के आंसू उनकी मेहनत और टूटे हुए सपनों की कहानी बयां कर रहे थे.
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जीत मनोबल बढ़ाने वाली है, जहाँ कप्तान मार्करम की कप्तानी और केशव महाराज के ‘क्लच’ प्रदर्शन ने उन्हें जीत की दहलीज पार कराई. वहीं, अफ़ग़ानिस्तान भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया हो, लेकिन उन्होंने साबित कर दिया है कि वे अब ‘अंडरडॉग’ नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट की एक नई शक्ति हैं.
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