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Gautam Gambhir first statement on sanju samson: गौतम गंभीर ने आखिरकार वह राज खोल दिया है कि टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों में मैच-विनर संजू सैमसन को टीम से बाहर क्यों रखा गया था. ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू की नाबाद 97 रनों की ऐतिहासिक पारी के बाद कोच गंभीर ने साफ किया कि यह कोई ‘ड्रॉप’ नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति थी. गंभीर के अनुसार, संजू जैसे वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी को मानसिक रूप से तरोताजा करने के लिए वह ब्रेक जरूरी था. कोच के इस भरोसे और संजू के ‘महा-कमबैक’ ने न केवल आलोचकों का मुंह बंद किया, बल्कि भारत को वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के दरवाजे पर खड़ा कर दिया है.
गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को वर्ल्ड क्लास क्रिकेटर बताया.
वेस्टइंडीज पर पांच विकेट से जीत दर्ज करने के बाद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए. उन्होंने कहा,’ संजू सैमसन (Sanju Samson) के पास टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 3 शतक हैं. उनकी प्रतिभा पर हमें कभी कोई संदेह नहीं था. न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज उनके लिए कठिन रही, और एक कोच के तौर पर मुझे लगा कि उन्हें एक ब्रेक देना जरूरी है ताकि वे तरोताजा होकर लौटें. लेकिन हमारे मन में यह साफ था.जब भी वर्ल्ड कप के किसी बड़े मैच में टीम इंडिया को उनकी जरूरत होगी, संजू सैमसन मैदान पर उतरेंगे और मैच जिताकर लौटेंगे.’
गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को वर्ल्ड क्लास क्रिकेटर बताया.
संजू सैमसन ने ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाते हुए नाबाद 97 रन बनाए
संजू सैमसन (Sanju Samson) ने ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाते हुए नाबाद 97 रन बनाए. जिसकी मदद से भारत ने ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह रहे टी20 विश्व कप के सुपर आठ मुकाबले में रविवार को वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया जहां पांच मार्च को उसका सामना इंग्लैंड से होगा. दूसरे सेमीफाइनल में चार मार्च को दक्षिण अफ्रीका की टक्कर न्यूजीलैंड से होगी. वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने पर चार विकेट पर 194 रन बनाए. खचाखच भरे ईडन गार्डंस पर भारत के फॉर्म में चल रहे सभी बल्लेबाज नाकाम रहे लेकिन संजू ने संभवत: अपने कैरियर की सबसे यादगार पारी खेलकर वेस्टइंडीज के जीत के अश्वमेधी अभियान में नकेल कसी.
‘संजू सैमसन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं’
गंभीर ने कहा, ‘संजू सैमसन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं. जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तो उन्होंने खुद की अहमियत को साबित कर दिया और मोर्चा संभाला.’ संजू सैमसन ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू साल 2015 में किया था. विडंबना देखिए कि 11 साल बीत जाने के बाद भी उनके खाते में केवल 66 मैच हैं. उन्हें कभी लगातार मौके नहीं मिले, कभी उनकी बैटिंग पोजीशन बदल दी गई, तो कभी एक मैच में फेल होने पर महीनों के लिए बाहर कर दिया गया. 2025 में जब उनकी फॉर्म गिरी, तो आलोचकों ने उनके करियर का ‘डेथ वारंट’ लिख दिया था. यहां तक कि इस वर्ल्ड कप की शुरुआती प्लेइंग-11 में भी उन्हें जगह नहीं मिली.
ओपनर के रूप में उतरकर ‘फिनिशर’ की भूमिका निभाकर लौटे संजू सैमसन
संजू सैमसन की यह कहानी उन सभी के लिए एक मिसाल है जो हार मान लेते हैं. कोच गौतम गंभीर का उन पर अटूट विश्वास और संजू का अपनी धुन में डटे रहना ही आज भारत को सेमीफाइनल के दरवाजे पर ले आया. संजू ने 50 गेंद की पारी में 12 चौके और चार छक्के लगाए और ओपनर के रूप में उतरकर ‘फिनिशर’ की भूमिका निभाकर लौटे. भारत ने चार गेंद बाकी रहते जीत दर्ज की. संजू ने 19वें ओवर में रोमारियो शेफर्ड को स्क्वेयर लेग में छक्का लगाया और अगली गेंद पर चौका जड़ दिया. इसके साथ ही इस मैदान पर 2016 टी20 विश्व कप जीतने वाली कैरेबियाई टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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