1 मार्च 2026 की उस रात ने भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा लम्हा दिया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां मिसाल के तौर पर याद रखेंगी. यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि 11 साल के उपेक्षा, ट्रोलिंग और आंसुओं का हिसाब था. जब वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू ने वो विजयी छक्का जड़ा और 97 रनों पर नाबाद लौटे, तो कैमरे की नजरों ने कुछ ऐसे पल कैद किए जिन्होंने करोड़ों भारतीयों की आंखों को नम कर दिया.
1 मार्च 2026 की उस रात ने भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा लम्हा दिया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां मिसाल के तौर पर याद रखेंगी. यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि 11 साल के उपेक्षा, ट्रोलिंग और आंसुओं का हिसाब था. जब वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन (Sanju Samson) ने वो विजयी छक्का जड़ा और 97 रनों पर नाबाद लौटे, तो कैमरे की नजरों ने कुछ ऐसे पल कैद किए जिन्होंने करोड़ों भारतीयों की आंखों को नम कर दिया.

इन तस्वीरों को अपनी नजरों में कैद कर लीजिए, क्योंकि ये एक खिलाड़ी के ‘शून्य से शिखर’ तक पहुंचने की गवाही दे रही हैं. पेश हैं संजू सैमसन के उस ऐतिहासिक कमबैक के 5 जादुई मोमेंट्स.

संजू ने जैसे ही टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाया, उनका पहला रिएक्शन किसी आक्रामक जश्न का नहीं, बल्कि गहरी कृतज्ञता का था। उन्होंने अपने बल्ले को चूमा और बंद आंखों के साथ आसमान की ओर देखा. यह उस 11 साल के लंबे इंतजार का सुकून था, जिसमें उन्होंने सिर्फ 66 इंटरनेशनल मैच खेले. वह पल बता रहा था कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं.
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मैदान से बाहर निकलते वक्त एक दुर्लभ नजारा दिखा. हमेशा गंभीर रहने वाले कोच गौतम गंभीर बाउंड्री लाइन पर खड़े थे. जैसे ही संजू करीब आए, गंभीर ने उन्हें कसकर गले लगाया और उनकी पीठ थपथपाई. बाद में गंभीर ने राज खोला कि संजू को टीम से बाहर करना एक रणनीति थी ताकि वे इस बड़े दिन के लिए तैयार हो सकें. गंभीर की वो मुस्कान बता रही थी कि उनका ‘ब्रह्मास्त्र’ सही निशाने पर लगा है.

जीत के तुरंत बाद, जब पूरी टीम जश्न मना रही थी, संजू एक कोने में बैठकर अपनी पत्नी चारुलता को वीडियो कॉल करते नजर आए. स्क्रीन पर दोनों की आंखों में खुशी के आंसू थे.

2025 का वो दौर जब संजू फॉर्म के लिए जूझ रहे थे और उन्हें वर्ल्ड कप इलेवन से ड्रॉप किया गया था, तब चारुलता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं. उस कॉल ने साबित किया कि सफलता के पीछे एक शांत सहारा कितना जरूरी है.

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संजू सैमसन की कुछ यूं की तारीफ. ईडन गार्डन्स के 60 हजार से ज्यादा दर्शक एक सुर में संजू का नाम ले रहे थे. जिस खिलाड़ी को सोशल मीडिया पर ‘लापरवाह’ कहकर ट्रोल किया जाता था, आज वही भारतीय क्रिकेट का नया नायक था. संजू ने बेहद शालीनता के साथ अपना हेलमेट उतारा और दर्शकों के सामने सिर झुकाकर उनका प्यार स्वीकार किया.

मैच खत्म होने के बाद संजू के हाथ में तिरंगा था और चेहरे पर एक अजीब सा संकल्प. उन्होंने साबित कर दिया कि वे सिर्फ ‘प्रतिभा’ (Talent) नहीं, बल्कि ‘मैच विनर’ हैं. 1 मार्च की वो रात ‘संजू सैमसन डे’ बन गई और अब 5 मार्च को वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ महामुकाबले के लिए उन्होंने अपनी हुंकार भर दी है.
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