12 जून से शुरू होने वाले विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए चुनी गई टीम इंडिया में चंडीगढ़ की नंदनी शर्मा भी जगह बनाने में कामयाब रही हैं। 15 सदस्यीय टीम में उन्हें तेज गेंदबाज के रूप में जगह मिली है। वह बिना किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के अनुभव के सीधे विश्वकप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए चुनी गई हैं। हालांकि, वह वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में खेल चुकी हैं और विकेटों की हैट्रिक भी लगा चुकी हैं। टीम में सिलेक्शन को लेकर नंदनी ने कहा- बहुत अच्छा लग रहा है। यह फीलिंग मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। एक्साइटेड होने के साथ मैं नर्वस भी हूं। मिक्स फीलिंग है। दैनिक भास्कर से बातचीत में नंदनी ने बताया कि वह भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर मारिजैन कप्प को अपना आदर्श मानती हैं। उनका सपना इंडिया के लिए कप लाना है और टीम में अपनी जगह बनाए रखना है। पढ़िए, नंदनी शर्मा के साथ बातचीत के मुख्य अंश… सवाल: क्रिकेट में करियर कहां से और कब से शुरू किया?
जवाब: जब मैं 8-9 साल की थी, तब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था। सेक्टर-26 में एलआईसी एकेडमी थी। राजेश पाठक उस समय मेरे कोच थे। उन्होंने ही मुझे क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं। सवाल: परिवार आपके सिलेक्शन पर कैसा महसूस कर रहा है?
जवाब: परिवार बहुत खुश है। मतलब पेरेंट्स को इतना खुश देखना उनके बच्चे के लिए बहुत बड़ी बात है। मैं एक्साइटेड हूं। वह खुश हैं तो मैं भी खुश हूं। वह मेरे ऊपर प्राउड फील कर रहे हैं। सवाल: आप क्रिकेट में किसे अपना रोल मॉडल मानती हैं?
जवाब: मुझे पुरुष क्रिकेट में इंडियन खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह की बॉलिंग बहुत अच्छी लगती है। अगर महिला क्रिकेट की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका की मारिजैन कप्प से प्रभावित हूं। मैं दोनों को अपना रोल मॉडल मानती हूं। मैं उन्हें एडमायर भी करती हूं। सवाल: पढ़ाई और क्रिकेट कहां से शुरू की?
जवाब: मैंने अपनी पढ़ाई सेक्रेड हार्ट स्कूल चंडीगढ़ से की है। वहीं से क्रिकेट के गुर सीखे हैं। स्कूल में भी क्रिकेट खेलती थी। शाम को एकेडमी और वहां से ट्यूशन जाती थी। सब में बैलेंस बनाकर चलना थोड़ा कठिन होता है, लेकिन सौभाग्य से मैं सभी में अच्छे नंबरों से पास हो गई। मेरी ग्रेजुएशन भी पूरी हो चुकी है। सवाल: फैमिली में आपके परिजन क्या-क्या करते हैं?
जवाब: मेरे पिता इंडस्ट्रियल एरिया में स्पेयर पार्ट्स की दुकान करते है। साथ में मुझे क्रिकेट भी सिखाते हैं। मां मेरी हाउसवाइफ हैं। सवाल: अपने इस सफर में किसकी भूमिका अहम मानती हैं?
जवाब: मेरे जीवन में हर किसी का रोल अहम रहा है। हर चीज से मैंने कुछ न कुछ सीखा है। चाहे वह अच्छी हो या बुरी। इसीलिए मैं आज इस मुकाम पर पहुंची हूं। अब आगे कोशिश है कि अच्छा खेलती रहूं और टीम में बनी रहूं। टीम के लिए कप लाने में अहम रोल निभाऊं। सवाल: जीरकपुर की खिलाड़ी काशवी की जगह आपको टीम में जगह मिली है। उसके लिए क्या कहेंगी?
जवाब: काशवी बहुत ही अच्छी प्लेयर है। उनके नाम कई रिकॉर्ड हैं। मैं तो चाहती हूं कि हम दोनों साथ में खेलें। हम सेम टीम में खेलते भी हैं। सवाल: आपको इंजरी हुई थी। क्या अब उससे रिकवर हो गई हैं?
जवाब: थाईलैंड में मेरा इंडिया-ए का डेब्यू मैच था। कैच करते हुए मेरा हाथ कट हो गया था। वह मेरे लिए हार्टब्रेकिंग मोमेंट था। दो टूर्नामेंट डोमेस्टिक मिस किए थे। अब सीधे वर्ल्डकप में नाम आना बहुत अलग फीलिंग है। उस समय फैमिली और फ्रेंड्स ने मोटिवेट किया था।
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