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क्रिकेट के मैदान पर अक्सर बल्लेबाज़ों के छक्के या गेंदबाज़ों की रफ़्तार सुर्ख़ियाँ बटोरती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि अंपायर द्वारा गेंद को ज़मीन पर रगड़ना किसी टीम की हार का कारण बन जाए? न्यूज़ीलैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच ऑकलैंड के ईडन पार्क में हुआ यह टेस्ट मैच कुछ ऐसी ही ‘मसालेदार’ और हैरान कर देने वाली घटना का गवाह बना.
2026 न्यूजीलैंड-वेस्टइंडीज टेस्ट मैच में अंपायर ने ही कर दी बॉल टेंपरिंग
क्रिकेट के मैदान पर अक्सर बल्लेबाज़ों के छक्के या गेंदबाज़ों की रफ़्तार सुर्ख़ियाँ बटोरती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि अंपायर द्वारा गेंद को ज़मीन पर रगड़ना किसी टीम की हार का कारण बन जाए? न्यूज़ीलैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच ऑकलैंड के ईडन पार्क में हुआ यह टेस्ट मैच कुछ ऐसी ही ‘मसालेदार’ और हैरान कर देने वाली घटना का गवाह बना.
जीत की दहलीज पर खड़ा वेस्टइंडीज़
न्यूज़ीलैंड ने वेस्टइंडीज़ के सामने जीत के लिए 197 रनों का लक्ष्य रखा था. चौथी पारी में वेस्टइंडीज़ के धुरंधर ओपनर क्रिस गेल और डैरेन गंगा ने न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों की बखिया उधेड़ दी थी. स्कोर बिना किसी नुक़सान के 94 रन पहुँच चुका थाऔर ऐसा लग रहा था कि विंडीज़ टीम यह मैच बड़ी आसानी से 10 विकेट से जीत जाएगी. कीवी टीम के चेहरे लटके हुए थे और स्टेडियम में सन्नाटा था.
वो एक छक्का और ‘गुमशुदा’ गेंद
तभी खेल में एक नाटकीय मोड़ आया जब क्रिस गेल ने एक गगनचुंबी शॉट लगाया और गेंद सीधे स्टैंड्स के पार जाकर कहीं खो गई. अब अंपायरों के सामने चुनौती थी वैसी ही पुरानी गेंद ढूँढने की. नियम के मुताबिक, रिप्लेसमेंट गेंद वैसी ही होनी चाहिए जैसी खोई हुई गेंद थी लेकिन जब अंपायर डैरेल हेयर और रूडी कर्टजन ने नई ‘पुरानी गेंद’ मँगाई, तो वह न्यूज़ीलैंड के कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को ज़रा भी रास नहीं आई.
फ्लेमिंग की शिकायत थी कि नई गेंद बहुत चमकदार है, जिससे बल्लेबाज़ों को फ़ायदा होगा .तब अंपायर डैरेल हेयर ने जो किया, उसने सबको चौंका दिया. उन्होंने गेंद को कंक्रीट की पिच के किनारे या ज़मीन पर ज़ोर-ज़ोर से रगड़ना शुरू कर दिया ताकि उसकी चमक खत्म हो जाए और वह पुरानी दिखे.
शेन बॉंड का ‘रिवर्स स्विंग’ वाला क़हर
अंपायर के रगड़ने के बाद उस गेंद ने जो रूप अख्तियार किया, वह किसी करिश्मे से कम नहीं था. जैसे ही खेल दोबारा शुरू हुआ, न्यूज़ीलैंड के तूफ़ानी गेंदबाज़ शेन बॉंड के हाथ में वो गेंद आते ही ‘बात’ करने लगी. गेंद ने अचानक भयानक रिवर्स स्विंग लेना शुरू कर दिया. 100 रनों तक एक भी विकेट न खोने वाली वेस्टइंडीज़ की टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई. क्रिस गेल (82) को शेन बॉंड ने बोल्ड कर दिया. इसके बाद रमनरेश सरवन और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज बॉंड की स्विंग के सामने बेबस नज़र आए. बॉंड ने अकेले ही वेस्टइंडीज़ के मिडिल ऑर्डर की कमर तोड़ दी.
नतीजा: एक ऐतिहासिक हार
जो टीम 94/0 के स्कोर पर थी, उसने अपने आखिरी 10 विकेट महज़ 75 रनों के अंदर खो दिए. वेस्टइंडीज़ की पूरी टीम 170 रनों पर ढेर हो गई और न्यूज़ीलैंड ने यह मैच 27 रनों से जीत लिया. शेन बॉंड ने उस पारी में 5 विकेट झटके और मैन ऑफ द मैच बने. वेस्टइंडीज़ के खेमे में मातम था और न्यूज़ीलैंड के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था. आज भी इस मैच को अंपायर की उस ‘रगड़’ और शेन बॉंड की कातिलाना रिवर्स स्विंग के लिए याद किया जाता है. ये घटना वाकई ये कहने पर मजबूर करती है कि क्रिकेट वाकई अनिश्चितताओं का खेल है, जहाँ एक गुम हुई गेंद पूरा इतिहास बदल सकती है.
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