smriti mandhana bank balance: चैंपियन बनने की वजह से एक भारी भरकम राशि भी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के खेते में गई और अब फैंस ये जानने को बेताब है कि किस खिलाड़ी के खाते में कितने पैसे गए और क्या कप्तान को बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा पैसे मिले या बराबर.
लगातार दूसरी बार WPL जीतने वाली स्मृति मंधाना हुई मालामाल, टीम में मिले सबसे ज्यादा पैसे
RCB की सफलता का बड़ा श्रेय कप्तान स्मृति मंधाना को जाता है, जिन्होंने फाइनल में केवल 41 गेंदों में 87 रनों की तूफान पारी खेली और टीम को बड़ा लक्ष्य जीत तक पहुंचाया. इसी शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें WPL 2026 फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड भी मिला. चैंपियन बनने की वजह से एक भारी भरकम राशि भी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के खेते में गई और अब फैंस ये जानने को बेताब है कि किस खिलाड़ी के खाते में कितने पैसे गए और क्या कप्तान को बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा पैसे मिले या बराबर.
WPL 2026 में कुल Prize Money और बँटवारा
इस सीज़न का प्राइज मनी पूल BCCI द्वारा तय किया गया और विजेता तथा अन्य पुरस्कारों की राशि इस प्रकार रही. चैंपियन (RCB) को 6 करोड़ मिले वहीं रनर-अप (दिल्ली कैपिटल्स) को 3 करोड़ मिले. सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली स्मृति मंधाना जिन्होंने ऑरेंज कैप जीता उनको 5 लाख रुपए मिले. फाइनल की वुमेन आफ दि मैच भी रही स्मृति मंधाना को ₹2.5 लाख मिले. सूत्रों की माने तो जीती गई इनामी राशि को टीम और स्पोर्ट स्टाफ में बराबर बांटा गया यानि 24 लोगो के खाते 25-25 लाख रुपए ट्रांसफर हुए वहीं कप्तान स्मृति मंधाना के खाते में 32 लाख पचास हजार गया. अब आप चौंक रहे होगे कि कप्तान को ज्यादा क्यों .टीम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि टीम मैनेजमेंट ने ये तय किया कि ऑरेंज कैप और वुमेन आफ दि फाइन का पैसा नहीं बंटेगा तो इसीलिए मंधाना को 7.50 लाख अलग से मिले. इस जीत के साथ RCB को टीम इनाम के रूप में ₹6 करोड़ के अलावा भी खिलाड़ियों को व्यक्तिगत अवॉर्ड्स के माध्यम से भी अच्छी-खासी Prize Money मिली.
मंधाना का मैजिक चल गया
कप्तान के तौर पर स्मृति मंधाना ने वो कर दिखाया जिस काम को करने के लिए बड़े बड़े कप्आतान सपना देखते है. आरसीबी की यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं थी – उन्होंने लगातार दूसरी बार WPL जीतकर स्थिरता और मजबूती का परिचय दिया. कप्तान स्मृति मंधाना का प्रदर्शन, न केवल Orange Cap और प्लेयर ऑफ द मैच के रूप में पुरस्कृत हुआ, बल्कि टीम को शीर्ष स्थान पर भी पहुंचाया. फाइनल से पहले बुखार और फिर चढ़ते टेंप्रचर के साथ जिस तरह की पारी मंधाना ने खेली वो सालों साल याद रकी जाएगी. टीम में कई सकारात्मक प्रयोग भी किए गए जिसमें राधा यादव को बैटिंग ऑर्डर में उपर खिलाना मास्टर स्ट्रोर रहा.
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