अगर साफ शब्दों में कहा जाए, तो संजू सैमसन के आंकड़े बेहद खराब रहे हैं. ओपनर के तौर पर उनकी पिछली 9 पारियों में उन्होंने सिर्फ 104 रन बनाए हैं, वो भी महज 11.55 की औसत से. साल 2026 में अब तक उन्होंने तीन पारियों में केवल 16 रन बनाए हैं, जिनमें 10, 6 और 0 जैसे स्कोर शामिल हैं. उनका आखिरी टी20I अर्धशतक सितंबर 2025 में एशिया कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ आया था यानी नौ पारियां पहले. गुवाहाटी में लगा गोल्डन डक उनके टी20 करियर का 25वां डक था, जिसके साथ वह उन भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनके नाम इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा डक दर्ज हैं.
अभिषेक शर्मा की नकल बना रही है मुश्किल?
अजिंक्य रहाणे ने कहा कि अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाज के साथ ओपनिंग करना, जो बेहद तेज रफ्तार से रन बना रहे हों, संजू सैमसन पर अनजाने में दबाव डाल सकता है. रहाणे के मुताबिक, सैमसन गेंद की पहली ही डिलीवरी से बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं, बिना क्रीज पर समय बिताए. हालांकि अभिषेक भी ऐसा करते हैं, लेकिन दोनों खिलाड़ियों की शैली और ताकत अलग-अलग है. रहाणे ने यह भी बताया कि सैमसन की सबसे बड़ी कमजोरी तेज गेंदबाजों के खिलाफ दिख रही है, जहां वह अक्सर जल्दीबाजी में नजर आते हैं. तीसरे टी20I में मैट हेनरी के खिलाफ वह जरूरत से ज्यादा पीछे हट गए और सीधी गेंद को पूरी तरह चूक गए. इसी मैच में ईशान किशन ने 13 गेंदों पर 28 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर सैमसन की मुश्किलें और बढ़ा दीं.
रहाणे: मैनेजमेंट और कप्तान की भूमिका अहम
रहाणे का मानना है कि इस वक्त टीम मैनेजमेंट और कप्तान की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. यहीं पर मुझे लगता है कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान को संजू सैमसन से साफ तौर पर कहना चाहिए कि वह सभी मैच खेलेंगे और वर्ल्ड कप में भी उनका स्थान सुरक्षित है. जब दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी तेजी से रन बना रहे होते हैं, तो सैमसन पर खुद को उनसे मैच करने का दबाव आ जाता है. संजू के लिए सबसे जरूरी है अपने गेम प्लान पर टिके रहना और खुद पर भरोसा बनाए रखना.
किशन का ग्राफ ऊपर, सैमसन पर खतरे की घंटी
जहां संजू सैमसन संघर्ष कर रहे हैं, वहीं ईशान किशन का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और उन्होंने झारखंड को उसका पहला खिताब दिलाया. उन्होंने यही फॉर्म इंटरनेशनल क्रिकेट में भी जारी रखीरायपुर में 32 गेंदों पर 76 रन और उसके बाद 13 गेंदों पर 28 रन की तेज पारी ने वर्ल्ड कप के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उनकी दावेदारी मजबूत कर दी है. फिलहाल संजू सैमसन टीम के पहले पसंदीदा विकेटकीपर हैं, लेकिन अगर ईशान किशन इसी तरह मौकों को भुनाते रहे और सैमसन का खराब दौर लंबा खिंचता गया, तो टीम मैनेजमेंट को जल्द ही एक बेहद मुश्किल फैसला लेना पड़ सकता है.
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