नई दिल्ली. विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी में एक नया रूप अपनाया है, जिसमें वह अधिक आक्रामक और जोखिम लेने के लिए तैयार हैं वहीं रोहित शर्मा ने 2023 से अलग बल्लेबाजी करना शुरु कर दिया है. जानें, कैसे उन्होंने अपने खेल में बदलाव किया और नई दिशा अपनाई. कोहली की बैटिंग शैली हमेशा से जोखिम से बचने पर आधारित रही है, खासकर वनडे क्रिकेट में. उन्होंने अपनी फिटनेस और तकनीकी कौशल पर इतना ध्यान केंद्रित किया था कि उन्हें जोखिम लेने की आवश्यकता महसूस नहीं होती थी. हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में और टी20 (T20i) में यह आवश्यक था कि कभी न कभी जोखिम लिया जाए, लेकिन वनडे क्रिकेट में वह लगभग हमेशा अपने खेल को नियंत्रित रखते थे. वह कभी भी अधिक आक्रामक नहीं होते थे, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के बाद से उनका स्ट्राइक रेट 103.75 के आस-पास रहा और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी स्टाइंक रेट 103 का रहा.वह पहले 20 गेंदों में हर छठी गेंद पर सीमा पार कर रहे हैं. कोहली ने पहले 20 गेंदों में अपनी गति को बढ़ाया है. भारत द्वारा पहले बल्लेबाजी करते हुए जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला, तो उन्होंने पहले 20 गेंदों में एक छक्का लगाया. यही वह स्थिति थी जो पहले कोहली के खेल से अपरिचित थी, क्योंकि पहले वह अक्सर इस समय में कोई जोखिम नहीं लेते थे. अब वह पहले ही आक्रमक हो जाते हैं, जिससे उन्हें पावरप्ले के दौरान अधिक रन मिलते हैं. यह देखा गया है कि 2023 विश्व कप में रोहित शर्मा को उनकी इसी आक्रामकता ने उन्हें बड़े स्कोर तक पहुंचने में मदद की थी जिसका इस्तेमाल अब विराट भी कर रहे है.
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