Vaibhav Sooryavanshi wins hearts: वैभव सूर्यवंशी ने वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद एक ऐसा काम किया, जिसे सुनकर आपका भी सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा. वैभव ने फाइनल में 175 रन की पारी खेली. उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड दिया गया. सूर्यवंशी ने इस अवॉर्ड को सपोर्ट स्टाफ को समर्पित किया.
वैभव सूर्यवंशी ने सपोर्ट स्टाफ को डेडिकेट किया यह अवॉर्ड.
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की शानदार पारी के दम पर भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए 9 विकेट पर 411 रन बनाए. सूर्यवंशी की तूफानी बैटिंग के सामने इंग्लैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए. उसके बाद भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने 412 रनों के असंभव लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 41वें ओवर में 311 रनों पर ऑल आउट हो गई. सूर्यवंशी ने सात मैचों में 62.71 के शानदार औसत से 439 रन बनाए. मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में सूर्यवंशी ने कहा, ‘सारी तैयारी सपोर्ट स्टाफ टीम के अथक प्रयास और एशिया कप से लेकर इस सीरीज तक खेले गए हर मैच ने हमें इस मुकाम तक पहुंचाया है. मैं यह अवॉर्ड पूरी सपोर्ट स्टाफ टीम को समर्पित करना चाहता हूं.’
वैभव सूर्यवंशी ने सपोर्ट स्टाफ को डेडिकेट किया यह अवॉर्ड.
सूर्यवंशी के अनुवादक बने आरोन जॉर्ज
सूर्यवंशी ने अपनी मातृभाषा हिंदी में बात की, जबकि आरोन जॉर्ज उनके लिए अनुवादक बनकर आए. सूर्यवंशी ने कहा, ‘हमारा मुख्य उद्देश्य खुद पर अत्यधिक दबाव न डालना था. हमने खुद पर भरोसा रखने और टूर्नामेंट की शुरुआत से ही अपनाई गई प्रक्रिया पर विश्वास करने पर ध्यान केंद्रित किया. तैयारी एशिया कप से शुरू हुई और उससे भी पहले से जारी है. पिछले आठ-नौ महीनों में सपोर्ट स्टाफ और टीम ने मिलकर काम किया है और उस आधारभूत कार्य ने हमें आज इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.’
क्रिकेट के नए ‘वंडरकिड’ वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन बनाए
क्रिकेट के नए ‘वंडरकिड’ वैभव सूर्यवंशी (175 रन, 80 गेंद, 15 छक्के) ने अंडर-19 विश्व कप के इतिहास की शायद सबसे प्रभावशाली पारी खेली.जिससे भारत ने फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा खिताब अपने नाम किया. दिलचस्प बात है कि भारत ने पिछली बार 2022 में वेस्टइंडीज में इंग्लैंड को हराकर ही खिताब जीता था. भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में आईसीसी ट्रॉफी जीती थी जो टूर्नामेंट के इतिहास में देश के दबदबे को दिखाता है.
सूर्यवंशी ने 55 गेंदों पर जड़ा शतक
चौदह साल के सूर्यवंशी ने यादगार पारी खेली और महज 55 गेंद में तीन अंक का आंकड़ा छूकर इस टूर्नामेंट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए. यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है और टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में यह टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है. सूर्यवंशी ने यह पारी तब खेली जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. उन्होंने सिर्फ 32 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी अंदाज में खेलते हुए दूसरा अर्धशतक सिर्फ 23 गेंद में बना लिया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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