यह उन तीन अन्य ग्रैंड स्लैम फाइनल जैसा भी नहीं होगा जो सबालेंका ने जीते हैं, जिनमें यूएस ओपन में हाल ही में जीता गया फाइनल भी शामिल है. सबालेंका 2025 में पांच टूर्नामेंट के फाइनल में हार गई थी और वह उनसे मिली सीख को अपना मजबूत पक्ष बनाना चाहती है.
सबालेंका ने कहा, टमैं जानती हूं कि उन सभी फाइनल मैच में क्या गलती हुई थी जिनमें मैं हारी. पिछले साल मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला, खुद के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला और इस सत्र में ऐसा दोबारा नहीं होगा.
सबालेंका को पिछले साल फाइनल में मिली हार की सूची में नवंबर में डब्ल्यूटीए फाइनल्स का निर्णायक मुकाबला भी शामिल है, जब वह रयबाकिना से तीन सेटों में हार गई थीं, जिन्होंने पुरस्कार राशि के रूप में रिकॉर्ड 5.2 मिलियन डॉलर जीते थे.
पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में मैडिसन कीज ने सबालेंका को हराकर मेलबर्न पार्क में उनकी 20 मैचों की जीत का सिलसिला तोड़ दिया था. फ्रेंच ओपन के फाइनल में उन्हें कोको गॉफ से तीन सेटों में हार का सामना करना पड़ा, उन्हें स्टटगार्ट और इंडियन वेल्स के फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा था.
सबालेंंका अब एक नई और मजबूत मानसिकता के साथ किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है, उन्होंने सेमीफाइनल में एलिना स्वितोलिना के खिलाफ जीत में यह कर दिखाया, जब चौथे गेम में चेयर अंपायर ने उन्हें बाधा डालने के लिए फाउल दिया.
उन्होंने कहा, ‘अभी मेरी मानसिकता ऐसी है कि मैं हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं. फाइनल में जो भी होगा, मैं वहां जाकर अपनी पूरे दमखम से मुकाबला करने के लिए तैयार हूं. जब मेरी यह मानसिकता होती है, तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेलती हूं। इस फाइनल के लिए मेरा यही दृष्टिकोण है.’
सबालेंका और रयबाकिना ने फाइनल तक पहुंचने के लिए अभी तक एक भी सेट नहीं गंवाया है. 2008 के बाद से किसी ग्रैंड स्लैम में ऐसा नहीं हुआ है. मॉस्को में जन्मीं लेकिन कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाली रयबाकिना सेमीफाइनल में जेसिका पेगुला के खिलाफ मिली जीत की लय को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.
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