डैरिल मिचेल ने उनकी गेंदों पर आसानी से रन बनाए. कुलदीप की लेंथ और लाइन दोनों पर हमला हुआ, खासकर मिचेल ने अपने पैरों का अच्छा इस्तेमाल किया और गेंद के टर्न को बेअसर कर दिया. कीवी बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों को बहुत अच्छे से स्वीप किया, जो टेस्ट मैचों में भी उनके लिए फायदेमंद रहा था. भारत के स्पिनर लगातार दबाव नहीं बना पाए, जबकि न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया. इंदौर का मैदान छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच के लिए जाना जाता है, इसलिए यहां विविधता के बजाय अनुशासित गेंदबाजी ज्यादा जरूरी है.
भारत औार न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे रविवार को इंदौर में खेला जाएगा.
कुलदीप को गेंद को ज्यादा सपाट रखना होगा
भारत के गेंदबाजों, खासकर कुलदीप को गेंद को ज्यादा सपाट रखना होगा, स्टंप्स पर हमला करना होगा और मैदान का पूरा इस्तेमाल करना होगा. ऐसी पिच पर जहां गलत शॉट भी छक्का बन जाता है, वहां लेंथ को कंट्रोल करना और चौके के मौके कम करना जरूरी है. राजकोट में चोटिल वाशिंगटन सुंदर की कमी महसूस हुई, जबकि उनकी जगह नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में लिया गया, जिन्होंने सिर्फ दो ओवर गेंदबाजी की. मौजूदा हालात में ऑफ स्पिनर आयुष बडोनी शायद रेड्डी से बेहतर विकल्प हो सकते हैं. टीम मैनेजमेंट स्पिन गेंदबाजी के जोखिम को कम करने के लिए तेज गेंदबाजी को मजबूत करने पर भी सोच सकता है.
अर्शदीप को मौका मिलेगा या कृष्णा होंगे बाहर ?

देखना होगा कि बाएं हाथ के गेंदबाज अर्शदीप सिंह को मौका मिलता है या नहीं. अगर अर्शदीप को टीम में लिया जाता है तो प्रसिद्ध कृष्णा को बाहर होना पड़ेगा, लेकिन पिछले दो मैचों में उनका प्रदर्शन खराब नहीं रहा है. प्रसिद्ध की गेंदबाजी की लेंथ उनके खिलाफ जा सकती है, क्योंकि उनकी लेंथ बैक ऑफ द लेंथ है, जिसका फायदा छोटे मैदानों पर उठाया जा सकता है, जबकि अर्शदीप अपनी फुल लेंथ गेंदबाजी से होलकर स्टेडियम में ज्यादा असरदार हो सकते हैं.
सिराज करेंगे गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई
मोहम्मद सिराज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे, जबकि अंतिम संयोजन इस पर निर्भर करेगा कि भारत एकमात्र स्पिन ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की मौजूदगी में एक और तेज गेंदबाज को चुनता है या नहीं. बल्लेबाजी में भारत के मुख्य बल्लेबाजों में बदलाव की संभावना नहीं है. कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल और श्रेयस अय्यर टीम की रणनीति के केंद्र में बने रहेंगे. भारत को अगर सीरीज जीतनी है तो उसे तीनों विभाग में अच्छा खेलना होगा. होलकर स्टेडियम में उसका रिकॉर्ड अच्छा रहा है.

पिछले पांचों मैच यहां भारत ने जीते हैं
यहां भारत ने अपने पिछले पांचों मैच जीते हैं. भारत ने यहां इंग्लैंड (2006, 2008), वेस्टइंडीज (2011), दक्षिण अफ्रीका (2015) और ऑस्ट्रेलिया (2017) को हराया है. भारतीय टीम ने शुक्रवार को अभ्यास नहीं किया, जबकि न्यूजीलैंड की टीम ने वैकल्पिक सत्र के बावजूद जमकर पसीना बहाया.
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