Blessing Muzarabani: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) टूर्नामेंट जब शुरू भी नहीं हुआ था, तभी से विवादों में घिरा हुआ है। कभी गेंद के साथ छेड़छाड़ का मामला, तो कभी विदेशी खिलाड़ियों द्वारा PSL छोड़ने को लेकर विवादों में घिरा रहा है।
गौरतलब है कि जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने पाकिस्तान सुपर लीग 2026 छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग 2026 खेलने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया, तब PCB ने बौखलाते हुए मुजरबानी पर 2 साल का बैन लगा दिया। अब ब्लेसिंग मुजरबानी की एजेंसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर सीधा निशान साधा है और कई गंभीर सवाल पूछे हैं।
कॉन्ट्रैक्ट मिला ही नहीं तो बैन कैसा?
दरअसल, यह बताया जाता है कि PSL ऑक्शन में ब्लेसिंग मुजरबानी को कोई खरीदार नहीं मिला था, लेकिन बाद में इस्लामाबाद यूनाइटेड टीम ने उन्हें रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर साइन किया था। इस डील में उन्हें 1.1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मिलने वाले थे, लेकिन PSL खेलने से पहले ही मुजरबानी ने अपना नाम वापस ले लिया और IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को जॉइन कर लिया। कोलकाता ने उन्हें उनके बेस प्राइस (Base Price) यानी 75 लाख रुपये शामिल किया।
आईपीएल में शामिल होते ही PSL ने ब्लेसिंग मुजरबानी के ऊपर PSL में खेलने से 2 साल के लिए बैन कर दिया। इसके बाद करीब छह हफ्ते बाद मुजारबानी की एजेंसी ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि ऐसे कॉन्ट्रैक्ट को तोड़ने पर बैन क्यों लगाया गया, जो कभी मिला ही नहीं था। मुजरबानी के माध्यम से बताया गया कि मुजरबानी को कभी भी ऑफिशियल कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला था।
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