Gaurav Bidhuri on marykom-onler controversy: दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम और उनके एक्स हसबैंड ओनलर कोम के बीच चल रहे निजी विवाद ने अब खेल जगत को दो गुटों में बांट दिया है. इस संवेदनशील मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय बॉक्सर गौरव बिधूड़ी ने एक बड़ा बयान दिया है. बिधूड़ी का कहना है कि जिस तरह के गंभीर आरोप और दावों (प्राइवेट चैट और अफेयर) का दौर चल रहा है, उसे देखते हुए अब इस मामले का फैसला सड़क या सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि अदालत में होना चाहिए. गौरव बिधूड़ी के अनुसार, कोर्ट की दखलअंदाजी ही यह साफ कर सकती है कि सच्चाई क्या है, ताकि किसी की छवि को गलत तरीके से नुकसान न पहुंचे.
वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट गौरव बिधूड़ी (Gaurav Bidhuri) ने आईएएनएस से कहा, ‘हां, मैरी दीदी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में युवा लड़कियों और लड़कों के लिए एक आदर्श हैं. ये आरोप उनकी छवि खराब कर सकते हैं और दूसरों के लिए एक गलत उदाहरण पेश कर सकते हैं. जब भी एक मजबूत महिला को परिभाषित किया जाता है तो रानी लक्ष्मीबाई और मैरी कॉम का नाम आता है. उन्होंने जो हासिल किया, वह दुनिया में किसी ने हासिल नहीं किया है. कोई भी उनसे यह छीन नहीं सकता. इसलिए, वह हमारी आदर्श हैं. हम चाहते हैं कि यह मामला जल्द से जल्द सुलझ जाए, और न्याय तुरंत मिले.’

गौरव बिधूड़ी का कहना है कि कोर्ट में साफ होगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ.
‘मामला कोर्ट में जाने पर ही क्लियर होगा’
ओनलर ने आरोप लगाया है कि मैरीकॉम का 2013 में एक जूनियर बॉक्सर के साथ अफेयर था, जिससे उनके परिवारों के बीच विवाद हुए, जिसके बाद समझौता हुआ. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2017 से मैरीकॉम बॉक्सिंग एकेडमी से जुड़े एक व्यक्ति के साथ रिलेशन में हैं. हालांकि, बिधूड़ी का मानना है कि ऐसा कोई आधार नहीं है जिसके आधार पर मैरीकॉम या उनके पति के पक्ष में कोई निष्कर्ष निकाला जा सके.बिधूड़ी ने कहा कि मैरी कॉम एक शानदार एथलीट और ग्लोबल स्पोर्ट्स हस्ती हैं, लेकिन जब तक यह मामला कोर्ट में नहीं जाता, तब तक स्थिति पर कोई सही फैसला नहीं किया जा सकता.

‘ओनलर के दर्द को मैं समझ सकता हूं’
गौरव बिधूड़ी ने कहा, ‘मैं खुद एक पति और पिता होने के नाते ओनलर का दर्द गहराई से महसूस करता हूं. इसलिए मैं पक्षपाती नहीं हो सकता और अपनी बॉक्सिंग लीजेंड मैरी कॉम दीदी का आंख मूंदकर समर्थन नहीं कर सकता. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि दोनों को इसे नेशनल मीडिया पर लाने के बजाय फैमिली कोर्ट में ले जाना चाहिए. दोनों दावा करते हैं कि उनके पास सबूत हैं. अभी, हम यह तय नहीं कर सकते कि कौन सही है. ये दोनों तरफ से सिर्फ मौखिक बयान हैं. ऐसे दावों का तब तक कोई महत्व नहीं होता जब तक वे कोर्ट में साबित न हो जाएं. मानवीय आधार पर, मैं किसी का भी समर्थन नहीं कर सकता.’
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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