सनराइजर्स हैदराबाद के चीफ कोच मुथैया मुरलीधरन ने कहा कि गेंदबाजों को मान लेना चाहिए कि उन्हें मार पड़ेगी। उनके अनुसार खेल बल्लेबाजों के पक्ष में झुक चुका है, इसलिए गेंदबाजों को इस स्थिति के साथ खुद को ढालना होगा। उन्होंने बुधवार को मुंबई में सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में IPL में बल्ले और गेंद के संतुलन पर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह टूर्नामेंट दर्शकों के मनोरंजन और स्पॉन्सरशिप के बिजनेस पर टिका है। उन्होंने कहा,’अगर हम बॉलिंग फ्रेंडली विकेट देंगे, तो दर्शक इसे बोरिंग कहेंगे। लोग चौके-छक्के देखना चाहते हैं, इसीलिए ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसे नियम लाए गए हैं। अगर खेल से मनोरंजन खत्म हुआ तो स्पॉन्सर्स और लोगों की दिलचस्पी कम हो जाएगी। फिलहाल बल्लेबाजों का पलड़ा भारी रहेगा, गेंदबाजों को खुद को अपडेट करने में समय लगेगा।’ हैदराबाद ने 244 रन के लक्ष्य को हासिल किया हैदराबाद ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में 244 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया। इस सीजन में ऐसे बड़े रन चेज पहले भी हुए हैं। पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम में 265 रन का लक्ष्य हासिल किया था। वहीं हैदराबाद ने जयपुर में 229 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया था। पावरप्ले का गणित बदला: पहले 50 रन बनते थे, अब 80 बन रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुरलीधरन ने खेल के बदलते स्वरूप पर बात की। उन्होंने कहा,’आजकल एक गेंदबाज के लिए परफॉर्म करना बहुत मुश्किल है। जब हम खेलते थे, तब पावरप्ले के 6 ओवरों में 40 से 50 रन को अच्छा स्कोर माना जाता था, लेकिन अब यह औसत 70 से 80 रन तक पहुंच गया है। अब हर टीम के पास ऐसे ओपनर्स हैं जो सिर्फ अटैक करना जानते हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि गेंद अंदर आ रही है या बाहर।’ 23 साल के सलिल ने बुमराह को जड़ा ‘नो-लुक सिक्स’ युवा बल्लेबाजों के निडर रवैये का उदाहरण देते हुए मुरलीधरन ने अनकैप्ड खिलाड़ी सलिल अरोड़ा का जिक्र किया। उन्होंने कहा,’जसप्रीत बुमराह जैसा दिग्गज गेंदबाज भी अब छक्के खा रहा है। जब 23 साल का नया लड़का सलिल, बुमराह को ‘नो-लुक सिक्स’ मारता है, तो यह अविश्वसनीय है। पहले युवा सोचते थे कि बुमराह के सामने टिकना कैसे है, अब वे सोचते हैं कि उन्हें छक्का कैसे मारना है। मॉडर्न गेम के साथ कॉन्फिडेंस लेवल बहुत बढ़ गया है।’ स्पिनर्स के लिए चिंता: टर्न के बजाय तेज फेंकने पर जोर मुरलीधरन ने जमीनी स्तर पर स्पिन बॉलिंग सिखाने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘आजकल के स्पिनर्स गेंद को टर्न कराने के बजाय सिर्फ तेज फेंकने की कोशिश करते हैं। बच्चों को 10-12 साल की उम्र से ही गेंद को स्पिन कराना सिखाना चाहिए। अगर आप स्पिन नहीं कराएंगे, तो बल्लेबाज को चकमा नहीं दे पाएंगे। अभी हालात ऐसे हैं कि नेट प्रैक्टिस में स्पिनर्स भी थ्रो-डाउन बॉलर की तरह दिखते हैं, जिन पर बैटर आसानी से लंबे शॉट लगाते हैं।’ आज के दौर में शेन वॉर्न और मैं भी होते तो खूब पिटते’ जब मुरलीधरन से पूछा गया कि क्या वो और शेन वॉर्न आज की पिचों पर सफल होते, तो उन्होंने कहा,’ हम गेंद टर्न तो कराते, लेकिन शायद बड़ा फर्क पैदा नहीं कर पाते। विकेट इतने अच्छे हैं कि शायद हमें भी एक-दो विकेट मिलते और बल्लेबाज 40 रन आसानी से बना लेते। मेरे समय में 170 टी-20 मैचों में शायद दो बार ही ऐसा हुआ जब मुझे 40 से ज्यादा रन पड़े। आज के दौर में अगर कोई स्पिनर 40 रन देता है, तो माना जाता है कि उसने अच्छी गेंदबाजी की है। हम इन दो युगों की तुलना नहीं कर सकते।’ ———————————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…
मुंबई IPL सीजन में छठा मैच हारी:हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, हेड-क्लासन की फिफ्टी; रिकेल्टन का शतक बेकार मुंबई इंडियंस को IPL के मौजूदा सीजन में छठी हार का सामना करना पड़ा है। उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया। मुंबई वानखेड़े में लगातार चौथा मैच हारी है। जबकि हैदराबाद ने सीजन में लगातार 5वां मैच जीता है। पूरी खबर IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। पूरी खबर
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