रवींद्र जडेजा को खराब फॉर्म के चलते ऑस्ट्रेलिया के वनडे दौरे से बाहर किए जाने के बाद ऐसा लगा था कि चयनकर्ता उनसे आगे बढ़ चुके हैं लेकिन T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले अक्षर पटेल के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए जडेजा को टीम में वापस लाया गया. हालांकि, भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका और फिर भारत बनाम न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज़ में उन्होंने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया. बल्लेबाज़ी में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो पारियों में 56 रन बनाए और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 43 रन ही जोड़ सके. गेंदबाज़ी में छह मैचों में उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला.
2023 के बाद से जडेजा का जादू गायब
विश्व कप 2023 के बाद से रवींद्र जडेजा का वनडे करियर लगातार गिरावट की ओर गया है. इसके बाद खेले गए 13 मैचों में जडेजा सिर्फ 149 रन ही बना सके हैं, वो भी 29.8 के औसत से. भले ही उनसे शतक की उम्मीद कोई नहीं करता, क्योंकि भारत का शीर्ष और मध्यक्रम मजबूत है, लेकिन असली चिंता उनकी गेंदबाज़ी है. 19 नवंबर 2023 के दुर्भाग्यपूर्ण फाइनल के बाद से जडेजा ने 13 मैचों में केवल 12 विकेट लिए हैं. इसे कोई बीच के ओवरों में उनकी रक्षात्मक गेंदबाज़ी का नतीजा मान सकता है, लेकिन उस भूमिका में भी वह असफल रहे हैं. ICC चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से उनका इकॉनमी रेट 6.2 रहा है, और इसके बदले उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला है.
पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान का मानना है कि वनडे प्रारूप बदल चुका है और अब आप बीच के ओवरों में सिर्फ रन रोकने वाले गेंदबाज़ नहीं रह सकते. हर टीम उस फेज़ को मैच का रुख बदलने के मौके के रूप में देखती है इसलिए सिर्फ काबू में रखने से काम नहीं चलेगा, आपको आक्रामक होकर विकेट भी लेने होंगे. रवींद्र जडेजा को वनडे में अपने इस पहलू पर ध्यान देना होगा
विश्व कप 2023 के बाद से रवींद्र जडेजा (केवल वनडे)
पारियां रन/विकेट औसत सर्वश्रेष्ठ इकॉनमी
बल्लेबाज़ी 11 158 रन 26.33
गेंदबाज़ी 14 12 विकेट 48.75 4.91
क्या वनडे में रवींद्र जडेजा का समय खत्म हो गया है?
यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या उस खिलाड़ी को छोड़ देना सही होगा, जो करीब 17 साल तक 50 ओवर की टीम का अहम हिस्सा रहा है. पिछले दो सीरीज़ में वह खराब फॉर्म में रहे हों, यह सही है कि उनके दोबारा फॉर्म में लौटने की संभावना भी रहती है, खासकर IPL 2026 को देखते हुए लेकिन क्या भारत यह जोखिम उठा सकता है? रविवार को जब 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली को क्रीज़ पर सहयोग की ज़रूरत थी, तब जडेजा 16 गेंदों में सिर्फ 12 रन ही बना सके. पहले दो वनडे में उन्होंने 4 और 27 रन बनाए. लेकिन उससे भी ज्यादा चिंता इस बात की थी कि वह किस तरह के शॉट खेलकर आउट हुए. उनका आखिरी अर्धशतक 2010 में आया था और आखिरी बार पांच विकेट लेने का कारनामा उन्होंने 2023 विश्व कप में किया था.
इंग्लैंड दौरे पर तस्वीर होगी साफ
2027 विश्व कप तक भारत करीब 30 वनडे मैच खेलेगा और जब भारत 2027 में दक्षिण अफ्रीका के लिए उड़ान भरेगा, तब जडेजा 38 साल के हो चुके होंगे दूसरी ओर,T20 वर्ल्ड कप के बाद जब भारत जून जुलाई में दोबारा वनडे खेलेगा, तब अक्षर पटेल को फिर से वनडे टीम में शामिल किया जाएगा. वनडे में अक्षर, बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में जडेजा से बेहतर साबित हुए हैं.
अजिंक्य रहाणे ने पर कहा कि वनडे में आपके पास विविधता होनी चाहिए जडेजा हर परिस्थिति में साबित खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन उनकी गेंदबाज़ी की रफ्तार लगभग एक जैसी रहती है, जिससे वह अनुमानित हो जाते हैं जब सिर्फ एक फील्डर बाहर होता है, तो बल्लेबाज़ के लिए यह आसान हो जाता है, अक्षर के पास विविधता है वह गति बदलते हैं और क्रीज़ पर एंगल्स का बेहतरीन इस्तेमाल करते हैं. इसलिए यहां स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है, और मुझे यकीन है कि जडेजा इसे समझते हैं, क्योंकि वह अपने खेल को अच्छी तरह जानते हैं. इन लगभग 30 वनडे मैचों में भारत घरेलू क्रिकेट के बाएं हाथ के स्पिनरों को भी आज़मा सकता है, जिनमें शम्स मुलानी, मानव सुथार और साई किशोर जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा विप्रज निगम जैसे खिलाड़ी पर भी विचार किया जा सकता है, जो लेग-स्पिन गेंदबाज़ी करने वाला एक वास्तविक ऑलराउंडर है.
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