इतिहास गवाह है कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला हमेशा दिलचस्प रहा है. साल 2002 के बाद यह पहली बार है जब भारत अपनी सरजमीं पर जिम्बाब्वे की मेजबानी कर रहा है. दोनों टीमों के बीच अभी तक 13 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं जहां भारत ने 10 मैच जीते हैं वहीं जिम्बाब्वे के खाते में तीन जीत दर्ज हैं. आंकड़ों में भले ही टीम इंडिया का दबदबा दिख रहा हो, लेकिन जिम्बाब्वे की टीम उलटफेर करने में माहिर है. पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने बड़ी टीमों को धूल चटाई है, जिससे सूर्यकुमार यादव की सेना को सावधान रहना होगा.
भारत जिम्बाब्वे टी20 में 14वीं बार होंगे आमने सामने.
इन 4 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी नजरें (Key Players)
ईशान किशन: एक ओर जहां भारतीय टॉप ऑर्डर संघर्ष कर रहा है, वहीं ईशान किशन ने अपनी चमक बिखेरी है. इस टूर्नामेंट में दो अर्धशतक जड़ चुके ईशान टीम इंडिया की सबसे बड़ी उम्मीद हैं. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की लय बिगाड़ सकती है.
वरुण चक्रवर्ती : अहमदाबाद की सपाट पिच पर वरुण थोड़े फीके नजर आए थे, लेकिन चेन्नई उनका ‘होम ग्राउंड’ जैसा है. यहां की टर्निंग पिच पर उनकी मिस्ट्री स्पिन जिम्बाब्वे के मिडिल ऑर्डर के लिए काल बन सकती है.
सिकंदर रजा: जिम्बाब्वे के कप्तान और दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक सिकंदर रजा अगर चले, तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट सकते है. श्रीलंका के खिलाफ हालिया मैच जिताऊ पारी इसका सबूत है.
ब्लेसिंग मुजरबानी: मुजरबानी की लंबाई और अतिरिक्त उछाल भारतीय बल्लेबाजों, खासकर अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा को परेशान कर सकती है. पावरप्ले में उनका स्पेल मैच की दिशा तय करेगा.
चेन्नई की पिच और समीकरण
चेन्नई की पिच आमतौर पर धीमी होती है और स्पिनरों को मदद करती है. भारत के पास कुलदीप, अक्षर और वरुण जैसे विश्व स्तरीय स्पिनर हैं, जो जिम्बाब्वे के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं. हालांकि, भारत को केवल जीत ही नहीं चाहिए, बल्कि यह भी दुआ करनी होगी कि जिम्बाब्वे या वेस्टइंडीज में से कोई एक टीम दक्षिण अफ्रीका को हरा दे, ताकि सेमीफाइनल की राह आसान हो सके.
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