क्या उस्मान भट्ठा फेंकते हैं या चकिंग करते हैं
उस्मान तारिक के गेंदबाजी एक्शन को देखकर लगेगे जैसे वो बॉल नहीं, बल्कि कोई ‘ढेला’ या ‘भाटा’ फेंक रहे हैं. रन-अप के बाद, विकेट के बगल से एक सेकंड ‘पॉज’ लेते हैं और तुरंत तेजी से बॉल फेंक देते हैं. टेक्निकल भाषा में, उनका हाथ कंधे के ऊपर से आने के बजाय ‘साइड-आर्म’ आता है, और इसे देखकर लगता है जैसे वो ‘भट्ठा’ मार रहे हैं. ICC का नियम है कि गेंदबाज अपनी कोहनी को गेंद फेंकते समय पूरी तरह सीधा रखने के बजाय थोड़ा सा मोड़ सकता है, लेकिन ये झुकाव 15 डिग्री से अधिक न हो. और उस्मान इस नियम के दायरे में हैं.
मशहूर टीवी कमेंटेटर जतिन सप्रू अपने यूट्यूब चैनल पर पूर्व ICC अंपायर अनिल चौधरी से बातचीत का वीडियो डाला है, जिसमें वो उस्मान की बॉलिंग का हिसाब-किताब बता रहे हैं.
‘पहली नजर में तो किसी को भी लगेगा कि उस्मान तारिक ‘भट्ठा’ फेंक रहे हैं या सीधा ‘ढेला’ मार रहे हैं, क्योंकि उनका हाथ कंधे के ऊपर से नहीं बल्कि बिल्कुल कान के नीचे से आता है. लेकिन अंपायर की नजर से देखें तो असली पेंच कोहनी के मुड़ने में है. नियम ये कहता है कि अगर गेंद छोड़ते वक्त कोहनी 15 डिग्री से ज्यादा नहीं खुल रही, तो आप उसे ‘चकिंग’ नहीं कह सकते. रही बात उस एक सेकंड के पॉज की, तो सारी गेंद ऐसे ही डाल रहे हैं. छह की छह. अगर वो इसमें बदलाव करते हैं तब उसे गड़बड़ माना जाएगा. ये पॉज तो तो बस बल्लेबाज को ‘कन्फ्यूज’ करने का एक तरीका है. अगर अंपायर को लगता है कि ये बल्लेबाज को जानबूझकर परेशान करने के लिए है, तो वो ‘डेड बॉल’ दे सकता है, वरना ये पूरी तरह लीगल है.’
जतिन सप्रू और अनिल चौधरी की इस बातचीत से ये साफ है कि जो बल्लेबाज उस्मान के रुकने पर अपना ‘बैलेंस’ नहीं खोएगा, वही उन्हें बाउंड्री के बाहर मारेगा. वो नाम नीचे देखें जो उन्हें बेहतर मार सकते हैं और क्यों?
उस्मान तारिक की धज्जियां उड़ाने को तैयार ईशान किशन.
ईशान किशन
क्यों: ईशान किशन ने खुद बताया कि उन्होंने उस्मान तारिक के साइड-आर्म और पॉज वाले एक्शन के लिए पहले ही वीडियो देखकर तैयारी कर ली है. नामीबिया के गेरहार्ड इरास्मस, जिनका एक्शन तारिक से मिलता-जुलता है, उनके खिलाफ किशन ने 24 गेंदों में 61 रन की विस्फोटक पारी खेलकर यह साबित किया कि वह इस तरह के एक्शन को बखूबी हैंडल कर सकते हैं. ईशान ने कहा, हमने देखा इरास्मस भाई (नामीबिया के स्पिनर) भी रुककर गेंद डाल रहे थे. उन्होंने हमें थोड़ा परेशान भी किया, लेकिन मैंने और तिलक ने तय किया था कि हम उनके हाथ के बजाय गेंद के टप्पे पर ध्यान देंगे. उस्मान के खिलाफ भी हमारी रणनीति यही रहेगी. गेंदबाज नहीं, गेंद को देखो.
सूर्यकुमार यादव
क्यों: सोशल मीडिया पर तमाम क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि सूर्या जैसे खिलाड़ी जो ‘स्वीप’ और ‘लैप’ शॉट्स खेलने में माहिर हैं, वे तारिक के राउंड-आर्म एक्शन को बेअसर कर सकते हैं. क्योंकि तारिक की गेंदें नीची रहती हैं, इसलिए स्वीप शॉट एक बेहतर विकल्प साबित होता है.
तिलक वर्मा
क्यों: तिलक ने कल 12 फरवरी को कहा कि भारतीय टीम मैच विनिंग जोन में है. उन्होंने पाकिस्तानी स्पिनरों के खिलाफ वीडियो एनालिसिस के जरिए खास तैयारी शुरू कर दी है. हम पिच और टप्पे के हिसाब से बैटिंग करेंगे.

कैमरन ग्रीन ने उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर जताई आपत्ति.
आखिर उस्मान का इतना हौव्वा क्यों है?
1. उस्मान की सबसे बड़ी ताकत उनका रन-अप के दौरान लिया गया ‘एक सेकंड का ठहराव’ है. क्रिकेट में बल्लेबाज गेंदबाज के मोमेंटम के साथ अपना शॉट सेट करता है. उस्मान क्रीज पर आकर अचानक रुक जाते हैं, जिससे बल्लेबाज का ‘फोकस’ और ‘टाइमिंग’ दोनों बिगड़ जाते हैं.
2. उन्होंने खुद बताया है कि उनके हाथ में ‘हाइपरमोबाइल एल्बो’ यानी दो कोहनियां जैसी समस्या है. इसके कारण उनका हाथ हमेशा मुड़ा हुआ सा लगता है, जो बल्लेबाजों को भ्रम में डाल देता है कि वो गेंद ‘फेंक’ रहे हैं या ढेला.
3. वो अक्सर 75-80 किमी/घंटा की धीमी रफ्तार से गेंद डालते हैं, लेकिन जतिन सप्रू के वीडियो में आकाश चोपड़ा ने भी चिंता जताई थी कि वो बिना किसी बड़े एक्शन के अचानक गेंद की गति 20-25 किमी/घंटा बढ़ा देते हैं, जिसे पढ़ना बहुत मुश्किल होता है.
4. अपने छोटे से इंटरनेशनल करियर में अब तक केवल 4 मैचों में ही 11 विकेट चटका लिए हैं, और उनका इकोनॉमी रेट 6 से भी कम है.
रविचंद्रन अश्विन
किसने उस्मान का सपोर्ट किया, किसने सवाल उठाए?
रविचंद्रन अश्विन, भारतीय स्पिनर: अश्विन ने उस्मान का बचाव किया. उन्होंने 11 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया पर लिखा कि उस्मान का ‘पॉज’ लेना पूरी तरह लीगल है क्योंकि यह उनके नेचुरल एक्शन का हिस्सा है. अश्विन ने तर्क दिया कि जब बल्लेबाज बिना बताए ‘स्विच-हिट’ खेल सकता है, तो गेंदबाज के रुकने पर पाबंदी क्यों?
अनिल चौधरी (पूर्व ICC अंपायर): जतिन सप्रू के साथ बातचीत में अनिल चौधरी ने इसे “क्लीन चिट” देते हुए कहा कि उस्मान का एक्शन भले ही ‘साइड-ऑन’ और अलग है, लेकिन उनकी बांह में नियमों के खिलाफ कोई मोड़ नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि वह हर गेंद एक ही तरीके से डालते हैं, इसलिए उनका ‘पॉज’ अवैध नहीं माना जा सकता.
प्रसन्ना अघोरम (क्रिकेट विश्लेषक): दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विश्लेषक प्रसन्ना ने भी उस्मान का समर्थन करते हुए कहा कि वे ‘चकिंग’ नहीं कर रहे हैं. उनका मानना है कि उस्मान की कोहनी का झुकाव उनकी शारीरिक बनावट के कारण है, न कि जानबूझकर किया गया बदलाव.
उस्मान तारिक पर सवाल उठाने वाले
मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंकाई दिग्गज): मुरलीधरन ने इस एक्शन को “पूरी तरह अवैध” करार दिया है. उन्होंने PTV News पर कहा कि उस्मान की कोहनी रिलीज के वक्त मुड़ती है और उनका ‘पॉज’ खेल की भावना के खिलाफ है. उन्होंने ICC से उस्मान पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग तक कर दी.
आकाश चोपड़ा (पूर्व भारतीय क्रिकेटर): आकाश ने उस्मान के ‘पॉज’ को तो सही बताया, लेकिन उनकी ‘तेज गेंद’ पर तकनीकी सवाल उठाए. उन्होंने 11 फरवरी 2026 को अपने वीडियो में कहा कि बिना रन-अप के अचानक 20-30 किमी/घंटा की गति बढ़ाना बिना कोहनी के झटके के बिना मुमकिन नहीं लगता, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए.
श्रीवत्स गोस्वामी (पूर्व भारतीय क्रिकेटर): गोस्वामी ने उस्मान के ‘पॉज’ की तुलना फुटबॉल की पेनल्टी से की. उन्होंने कहा कि जैसे फुटबॉल में अब पेनल्टी के दौरान रुकने की अनुमति नहीं है, वैसे ही क्रिकेट में भी गेंद फेंकते समय इस तरह का ठहराव गलत है और इसे बंद किया जाना चाहिए.
कैमरून ग्रीन (ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी): फरवरी 2026 में एक मैच के दौरान आउट उस्मान ने ही उनको आउट किया. आउट होने के बाद ग्रीन ने मैदान पर ही उस्मान के एक्शन की तरफ इशारा करते हुए नाराजगी जाहिर की, जिससे यह पूरा विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया.
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