टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत का सेमीफाइनल इंग्लैंड से होगा। जीतने वाली टीम 8 मार्च को न्यूजीलैंड से फाइनल खेलेगी। भारत टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक मैच हार चुका है। अमेरिका और वेस्टइंडीज ने टीम को परेशान किया। अब इंग्लिश टीम में भी 5 ऐसे प्लेयर्स हैं, जो टीम इंडिया की परेशानियां बढ़ा सकते हैं। भारत को 5 प्लेयर्स से खतरा… 1. हैरी ब्रूक पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरी लगाई 27 साल के हैरी ब्रूक पहली बार ICC टूर्नामेंट में इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे हैं। ग्रुप स्टेज में टीम को वेस्टइंडीज से हार मिली, लेकिन सुपर-8 में ब्रूक ने टीम को तीनों मैच जिताकर सेमीफाइनल में पहुंचाया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ रन चेज करते हुए शतक लगाया और टीम को अहम मैच जिताया। टूर्नामेंट में एक सेंचुरी और एक फिफ्टी के सहारे ब्रूक के नाम 228 रन हैं, वे टीम के टॉप स्कोरर भी हैं। ब्रूक वर्ल्ड क्रिकेट के टॉप उभरते हुए प्लेयर हैं। उन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेहद मुश्किल पिच पर फिफ्टी लगाकर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था। 2022 में डेब्यू करने के बाद वे तीनों फॉर्मेट में 1000 से ज्यादा इंटरनेशनल रन बना चुके हैं। वे तीनों फॉर्मेट में सेंचुरी लगाने वाले इंग्लैंड के दूसरे ही प्लेयर भी हैं। 2. जोस बटलर भारत को सेमीफाइनल हरा चुके इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर पूरे टूर्नामेंट में फ्लॉप रहे और एक बार भी 30 रन का स्कोर पार नहीं कर सके। हालांकि, भारत के खिलाफ मौजूदा टीम में सबसे ज्यादा टी-20 रन बटलर ने ही बनाए हैं। उनके नाम 5 फिफ्टी के सहारे 644 रन है। बटलर ने ही 2022 के टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ 49 गेंद पर 80 रन बनाकर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। बटलर इस टूर्नामेंट की पिछली 5 पारियों में 10 रन के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। हालांकि, 2 बार जब उन्होंने 21 और 26 रन की पारियां खेलीं, तब वे मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ही बैटिंग कर रहे हैं। यहां बैटिंग फ्रेंडली पिच रहती है और बटलर अगर फॉर्म में वापसी चाहते हैं तो वानखेड़े स्टेडियम से बेहतर पिच उन्हें नहीं मिल सकती। 3. सैम करन 20वें ओवर में 10 रन डिफेंड कर चुके इंग्लैंड 2022 में जब चैंपियन बनी थी, तब ऑलराउंडर सैम करन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। 2023 से 2024 तक उनका फॉर्म खराब रहा, वे बैटिंग और बॉलिंग दोनों डिपार्टमेंट में फ्लॉप रहे। 2025 में उन्होंने वापसी की, UAE की ILT20 लीग में डेजर्ट वाइपर्स की कप्तानी करते हुए टीम को पहली बार चैंपियन भी बनाया। करन टीम की जरूरत के हिसाब से परफॉर्म करते हैं, शुरुआत में जल्दी विकेट गिरने पर बैटिंग से टीम को संभालते हैं। वहीं गेंदबाजी में मुश्किल ओवर फेंकते हैं और ज्यादा रन नहीं देते। नेपाल के खिलाफ उन्होंने ही आखिरी ओवर में 10 रन डिफेंड कर टीम को 4 रन से जीत दिलाई थी। करन भारत के खिलाफ अपनी डेब्यू टेस्ट सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुने गए थे। 4. विल जैक्स 4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीते इंग्लैंड की टीम टी-20 की सबसे मजबूत टीमों में शामिल है, इसकी बड़ी वजह उसके ऑलराउंडर हैं। विल जैक्स भी इसी किरदार को निभाते हैं। वे फ्रेंचाइजी और घरेलू क्रिकेट में अपनी टीम के लिए टॉप ऑर्डर में बैटिंग करते हैं, लेकिन इंग्लैंड के लिए नंबर-7 पर बैटिंग कर रहे हैं। इस पोजिशन पर उन्होंने कई उपयोगी पारियां खेलीं। जैक्स ने अपनी ऑफ स्पिन से भी इसी टूर्नामेंट में कई बार मैच पलटा। वे पावरप्ले में नई गेंद के साथ पुरानी गेंद से मिडिल ओवर्स में भी किफायती रहते हैं। टीम इंडिया भी टूर्नामेंट में ऑफ स्पिनर के खिलाफ स्ट्रगल करते नजर आई। ऐसे में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा के खिलाफ जैक्स बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं। वे टीम के 7 मुकाबलों में 4 बार प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। 5. जोफ्रा आर्चर इंग्लैंड के टॉप तेज गेंदबाज टूर्नामेंट में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेग स्पिनर आदिल रशीद और लेफ्ट आर्म स्पिनर लियम डॉसन ने लिए। दोनों के नाम 11-11 विकेट हैं। हालांकि, वानखेड़े स्टेडियम की पिच पेसर्स के लिए ज्यादा मददगार रहती है। ऐसे में टीम के टॉप पेसर जोफ्रा आर्चर नई गेंद से ज्यादा प्रभाव छोड़ सकते हैं। वे टूर्नामेंट में 10 विकेट ले चुके हैं। आर्चर भारत के खिलाफ 11 टी-20 खेल चुके हैं, इनमें उनके नाम 14 विकेट हैं। वे 9 से कम की इकोनॉमी रखते हैं और विकेट नहीं मिलने पर ज्यादा रन भी नहीं देते। आर्चर भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट में भी 14 विकेट ले चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सेंचुरी लगाने वाले संजू सैमसन को आर्चर की पेस परेशान कर सकती है।
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