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T20 World Cup India Semifinal Scenario: साल 2022 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल के बाद भारत ने पहली बार किसी मल्टीनेशनल इवेंट में टी-20 मैच गंवाया. इस दौरान उसने 23 मैच में 21 जीते और एक मैच बेनतीजा रहा. मगर अब साउथ अफ्रीका से हारते ही उसकी सेमीफाइनल में पहुंचने की उसकी राह भी मुश्किल हो गई है.
अहमदाबाद: वर्ल्ड कप में जीत के रथ पर सवार भारतीय क्रिकेट टीम का गुरुर टूट चुका है. साउथ अफ्रीका ने सुपर-8 राउंड के पहले ही मैच में मैन इन ब्लूज को 76 रन से रौंद डाला. ये टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी तो टी-20 फॉर्मेट की दूसरी सबसे बड़ी हार है. इस बड़ी और शर्मनाक हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी करारा झटका लगा है. समीकरण कुछ ऐसे बन रहे हैं कि अब यहां से टीम इंडिया अपने बचे दोनों मैच भी जीत जाती है तो भी शायद सेमीफाइनल में न पहुंच पाए और उसका वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो जाए.

दरअसल, बीती रात दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ उसका सुपर-8 का पहला मुकाबला खेलना था. इस मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 188 रन का चैलेंजिंग लक्ष्य रखा. जवाब में सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और सिर्फ 111 रन पर ही ऑलआउट हो गई.

76 रन की एकतरफा हार ही अब भारतीय टीम के टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को धुंधली कर रही है. सुपर-8 राउंड में भारत के अभी दो मैच बाकी हैं. टीम इंडिया 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलेगी. सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए भारत को ये दोनों मैच जीतने होंगे. लेकिन सवाल यह है कि क्या इन दो मैचों की जीत से भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना तय हो जाएगा? जवाब है नहीं, कहानी इतनी आसान नहीं है.
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टीम इंडिया के लिए अब सेमीफाइनल में पहुंचना खुद की मेहनत के साथ-साथ ग्रुप-1 की दूसरी टीम के नतीजों पर भी निर्भर करेगा. सबसे सिंपल रास्ता ये है कि साउथ अफ्रीका अपने बचे दोनों मैच जीते और भारत भी अपने बचे दोनों मैच में जीत हासिल करे, इससे साउथ अफ्रीका छह और भारत चार पॉइंट के साथ सेमीफाइनल में होगा. अगर साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे से हारा तो चार-चार अंक के साथ तीन टीम के बीच टाई हो जाएगा. भारत को यहां खतरा है क्योंकि 76 रन की हार के साथ उसका नट रनरेट -3.8 के साथ बेहद घटिया है.

ऐसे में सबसे पहले तो भारत को 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और फिर 1 मार्च को वेस्टइंडीज पर बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और फिर दूसरी टीम के नतीजों पर नजर रखनी होगी. दुआ करनी होगी कि साउथ अफ्रीका अपने सारे मैच जीते, क्योंकि प्रोटियाज अगर एक मैच भी गंवाता है तो भारत के लिए आंकड़े जटिल और समीकरण मुश्किल हो जाएंगे.
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