वनडे वर्ल्ड कप 1996: श्रीलंका में खेलने से ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज़ का इनकार
वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार ऐसा मामला 1996 वनडे वर्ल्ड कप में सामने आया. इस टूर्नामेंट के सह-मेज़बान श्रीलंका उस समय गृहयुद्ध की चपेट में था और कोलंबो में हुए एक बम धमाके के बाद हालात और बिगड़ गए. हालांकि टूर्नामेंट से पहले भारत और पाकिस्तान ने कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दोस्ताना मैच खेला, लेकिन इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज़ ने अपने ग्रुप मैचों के लिए कोलंबो जाने से इनकार कर दिया.
वनडे वर्ल्ड कप 2003: इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड का खेलने से इनकार
2003 का क्रिकेट वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या की संयुक्त मेज़बानी में हुआ था. इस टूर्नामेंट में दो बड़े मामले सामने आए. इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेलने से इनकार किया, क्योंकि दोनों देशों के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण थे. वहीं न्यूज़ीलैंड ने सुरक्षा कारणों से नैरोबी जाकर केन्या के खिलाफ खेलने से मना कर दिया.
टी20 वर्ल्ड कप 2009: जिम्बाब्वे का टूर्नामेंट से हटना
साल 2009 में जिम्बाब्वे ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले लिया था. जिम्बाब्वे और यूनाइटेड किंगडम के बीच पांच साल से चले आ रहे खराब रिश्तों के चलते, आईसीसी और जिम्बाब्वे क्रिकेट के बीच एक सहमति बनी. इसके तहत जिम्बाब्वे को “खेल के व्यापक हित” में टूर्नामेंट से हटने को कहा गया. जिम्बाब्वे की जगह क्वालीफायर से स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया.
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2016: ऑस्ट्रेलिया ने लिया टूर्नामेंट से नाम वापस
साल 2016 में बांग्लादेश में आयोजित अंडर-19 वर्ल्ड कप से ऑस्ट्रेलिया ने खुद को अलग कर लिया था. इससे पहले, अक्टूबर 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ प्रस्तावित द्विपक्षीय सीरीज़ से भी सुरक्षा कारणों के चलते नाम वापस ले लिया था. अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान भी ऑस्ट्रेलिया ने यही रुख अपनाया और कहा कि “बांग्लादेश में ऑस्ट्रेलियाई हितों को खतरा अब भी बना हुआ है.
आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025: पाकिस्तान जाने से भारत का इनकार
ऐसी ही स्थिति तब देखने को मिली थी, जब भारत ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था. पाकिस्तान को टूर्नामेंट की मेज़बानी मिलने के बावजूद, ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़े राजनीतिक तनाव के चलते टीम इंडिया ने पाकिस्तान में खेलने से साफ मना कर दिया. नतीजतन, टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल में आयोजित किया गया, जिसमें यूएई को न्यूट्रल वेन्यू बनाया गया और भारत ने अपने सभी मैच वहीं खेले.
टी20 वर्ल्ड कप 2026
आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, टूर्नामेंट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. बांग्लादेश की पुरुष क्रिकेट टीम ने भारत आकर टूर्नामेंट खेलने से इनकार कर दिया है. भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तनाव के बीच, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) अपने फैसले पर अड़ा हुआ है और चाहता है कि उसकी टीम अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेले. हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बीसीबी की अपील को खारिज कर दिया है. अगर बांग्लादेश का रुख नहीं बदला, तो उसे आगामी टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है.
वर्ल्ड कप का इतिहास गवाह है कि क्रिकेट हमेशा सिर्फ खेल नहीं रहा. राजनीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंध कई बार मैदान से बाहर ऐसे फैसले तय कर देते हैं, जिनका असर सीधे टूर्नामेंट और खेल की आत्मा पर पड़ता है. अब देखना होगा कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बांग्लादेश अपने रुख में बदलाव करता है या फिर क्रिकेट इतिहास में एक और विवादित अध्याय जुड़ता है.
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